करो भारत बंद और जला दो सबकुछ ! इतने टुकड़े कर दो कि नामोनिशान मिट जाए इस देश का

*दलित, सवर्ण, ओबीसी के बीच वैमनस्य फैलाने की इस साज़िश को समझ तो पा रहे हैं ना हम??????*

*क्या हम यह जान पा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर चल रही अधिकतर पोस्ट विदेशों में बैठकर  तैयार हो रही हैं और देश को बर्बाद करने की मंशा पाल रखी है भारत विरोधी शक्तियों ने ?*   

*आज हम आपस में ही लड़ने कटने को तैयार बैठे हैं, बिना यह समझे कि 20 साल बाद जनसंख्या दानव से अस्तित्व समाप्ति से पहले की तैयारी के तौर पर भारत की बर्बादी की चाह रखने वालों ने अभी से 2019 की पटकथा लिखनी शुरू कर दी है, जिसका रिमोट कंट्रोल देशद्रोहियों के हाथो में है।*

*और यह भी सत्य है कि निशाने पर न ब्राह्मण है, न मराठा है, न राजपूत है, न जाट है, न माली है, न गुर्जर है, न दलित है, न पिछड़े हैं, जगह और समय के हिसाब से जातियां बदलेंगी, क्योंकि... निशाने पर भारत है।*

*क्या हम जानते हैं कि देशभर में कुल रोजगार का केवल 3% ही आरक्षण योग्य सरकारी नौकरियां हैं ? फिर क्यों हम आरक्षण आरक्षण की पोस्ट को शेयर करते  हैं ??*

*क्या हमारे आम दलित भाई यह नहीं जानते कि सैकड़ों वर्ष पहले तथाकथित ज्यादतियों की सजा आज की पीढ़ी को नहीं दी जा सकती ?*

*समझते हैं, सब समझते हैं परन्तु अपने स्वार्थ में कुछ सत्तालोभी देश तोड़कर भी सत्ता हासिल करने को बेताब हैं। पूर्व में भी देश तोड़कर ही सत्ता हासिल की थी।*

*सिख समाज के मेरे एक पितातुल्य बड़े भाई  ने बताया कि एक अफवाह समाज में चल रही है कि गुरुद्वारों पर GST लगा दिया गया है। इसके मायने समझने की कोशिश करें मित्रो। एक बलिदानी कौम को जानबूझकर भड़काने की 👌कोशिश हो रही है। कोई चर्चा नहीं कर रहा है कि "एक बड़ा दरख्त गिरता है तो धरती हिलती ही है" जैसी बातों को करने वालों ने पूरे पंजाब को लाशों के ढेर में बदल दिया था।*

*एक फिल्म के नाम पर पूरा राजपूत समाज उद्वेलित था क्योकिं मीडिया का एक वर्ग उन्हें विलन बनाकर प्रस्तुत कर रहा था।*

*वैश्य समाज को कहा जा रहा है कि आपके व्यापार को तबाह कर दिया, ब्राह्मण को कहा जा रहा है कि आपके मंदिरों को सरकार अपने चंगुल में ले रही है और त्यागी, जाट, गुर्जर, यादव को कहा जा रहा है कि बनिया और ब्राह्मण को बढावा देकर आपकी खेती को लूटा जा रहा है। बर्बाद कर देगा यह तुम्हें। क्या हुआ अचानक यह भाई ?*

*हम गरीब देश हैं साथियों। कंगाली में रोष स्वाभाविक है, ऐसा हम परिवार में भी देखते हैं। दिनरात मेहनत करने वाले माता पिता की कमियां गिनाने पर कभी कभी मन मानने लगता है, यह मानव स्वभाव है।उस रोष को किसी भी दिशा में मोड़ा जा सकता है,ऐसा शत्रु पड़ौसी का लक्ष्य रहता है।*

*हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर और जिग्नेश मेवानी जैसे विपरीत ध्रुव दो वर्ष तक कुछ ऐसी माॅग करते रहे कि सरकार की गले की फांस बन गई थी। बात ही एक दूसरे के इतनी विरोधी थीं कि एक मानी जाती तो दूसरा नाराज और दूसरी मानी जाती तो तीसरा नाराज। चुनाव आते हैं तो तीनों ही एक दूसरे के धुर विरोधी एक साथ मिलकर एक राजनीतिक दल के साथ हो जाते हैं। इसके निहितार्थ समझो भाईयो। क्या कुछ पक रहा है, समझने की कोशिश करें।*

*सत्ता के लालच में किसी भी हद तक गिरा जायेगा। वर्षों की लूट का पैसा जो कि विदेशों में जमा है, उस हजारों करोड़ के खर्चे से एजेंसियों को हायर किया जा रहा है, जिनका काम समाज में नफरत फैलाकर देश को बारूद के ढेर पर बैठाना है। लाखों लोग समाज में घुल-मिल कर काम कर रहे हो सकते हैं उनके।*

*हम सबको मिलकर इसका सामना करना है भाईयों। हम पहले भी भुगत चुके हैं 1200 साल।*

*एक बात और याद रखें। सनातन सभ्यता में कार्य विभाजन तो था परन्तु छुआ-छूत या शोषण नहीं था। विधर्मी सत्ता के आगे जिसने घुटने नहीं टेके और उनके बड़े बल के आगे पराजित हुए, उनको दंडस्वरूप गुलाम बनाकर उनसे मैला उठवाने जैसे गंदे काम करवाये गये और गैरमानवीय बर्ताव किया गया।कालांतर में उन्हें नीची जाति का माना जाने लगा और लोग उनसे बचने लगे और छुआ-छूत जैसी कुप्रथा ने जन्म लिया। वास्तव में यह लोग महान देशभक्त व सच्चे हिंदू थे।*

*वंचित को भड़काना आसान है। आज भी उनका एक बड़ा वर्ग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। बच्चों को पढ़ने की व्यवस्था नहीं, दाने दाने को मोहताज।*

*लगा लो उन्हें गले ! भाई ही हैं हमारे ! हिंदू ही हैं वे ! मत जाने दो उन्हें अपने से दूर। धीरे धीरे व्यवस्थाओं को भी सुधारने की कोशिश करेंगे।*

*विपक्ष ने मोदी जी के विरुद्ध ऐसे "दलित चक्रव्यूह" कि रचना रची हैं कि अगर मोदी बिना तैयारी के चक्रव्यूह भेदने कि इच्छा रखते हैं तो अभिमन्यु कि तरह ही इस चक्रव्यूह में इनका अंत हो जाएगा | और यदि इनकी तैयारी अर्जुन सरीखा हैं तो यह आने वाला युद्ध पहले कि अपेक्षा अत्यधिक रोचक होने वाला हैं, रोचक इसलिए क्योकि कही विपक्ष अपने ही बनाए इस "दलित चक्रव्यूह" में घिर कर स्वयं का अंत न करले !! अब बात कर ली जाए थोड़ी इस दलित चक्रव्यूह की*

*तो पहली बात , विपक्ष को यह पूर्णतया आभास हो चुका हैं कि अब "मुस्लिम तुष्टिकरण" करके मोदी से नहीं टकराया जा सकता हैं , क्योकि विपक्ष जितना "मुस्लिम तुष्टिकरण" करेगा , मोदी के हाथ "हिन्दू" और मजबूत करते जायेंगे | इसलिए अब विपक्ष कि नजर "मुस्लिम तुष्टिकरण" पर नहीं , बल्कि हिन्दुओं के एक भाग पर हैं और वो हैं "दलित" |*

*विपक्ष ने इसबार "दलित तुष्टिकरण" की नीति अपनाई हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह बीते लोकसभा चुनाव में लगभग 80% आरक्षित सीटों पर बीजेपी का कब्ज़ा | एक तरफ विपक्ष द्वारा जहा "मुस्लिम तुष्टिकरण" करने से मोदी और मजबूत होंगे और दूसरी तरफ "दलित तुष्टिकरण" करने से हिन्दुओं में फूट पड़ेगी और मोदी कमजोर होंगे | लेकिन विपक्ष कि यह दलित तुष्टिकरण किस प्रकार की होगी ? जो भी होगी, लेकिन मुस्लिम तुष्टिकरण से भी अत्यधिक घातक होगी और मोदी को यह घात समझना होगा | और यह घात वास्तव में मोदी पर नहीं , यह पुरे हिन्दू समाज पर होगा | इसलिए मोदी और हिन्दुओं को पहले से कही अधिक सजग और सावधान होना होगा, क्योकि विपक्ष के फेके जाल में फसने कि संभावना प्रबल होगी |*

*धर्म, गाय, गीता, भारत माता का अपमान दिखाकर कर विपक्ष हिन्दू धर्म के इस अभिन्न अंग ( शोषित / वंचित / कमजोर ) को प्रताड़ित करेगा, मारेगा, यातना देगा और यातना देते वक़्त वहा "जय श्री राम" और "हर हर महादेव" के नारे लगेंगे. भारत माता कि जय का उद्घोष होगा ताकि उन शोषित / वंचित / कमजोर वर्ग को पूर्णतया आभास हो जाए कि ये लोग बीजेपी के हैं या बीजेपी से सम्बंधित हैं | फिर वही विपक्ष उन शोषित / वंचित / कमजोर कि आवाज बनके इस मुद्दे को इतना गरमा देगा कि उसको निपटना आसान नहीं होगा क्योकि हिन्दुओं का बटना बीजेपी के लिए घातक हैं |*

*विपक्ष का यह हमला , बीजेपी के हथियार से बीजेपी के ही उनलोगों पर होगा जिन्होंने बीजेपी को करीब 80% आरक्षित सीटों पर जीत दिलाई |*
*भूतकाल में एक से एक महान सेनापतियों से चुक हुई हैं इसलिए ऐसा कोई जरुरी नहीं कि मोदी जी भी इस बिछाए जाल में न फंसे , आखिर वो भी इंसान हैं | इसलिए सिर्फ मोदी जी को ही नहीं, बल्कि समस्त हिन्दुओ को सजग होना पड़ेगा ...क्योकि विपक्ष अब हमारे हथियार से हमपर ही हमला करने का पूरा प्लान बना चुका हैं , और हम थोड़ा भी चूके .... तो चुक जायेंगे |*

               *आज से और अभी से प्रण कर लें कि आपस में वैमनस्य फैलाने वाली कोई पोस्ट ना तो फॉरवर्ड करेंगे और न शेयर।*

          देश है तो हम सब है

    *बचा लो भाईयों इस देश को* *
    साभार.....

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