" राजनैतिक साजिश से सतर्क रहें किसान "
ऐसा प्रतीत होता है,कि किसानो को राजनैतिक साजिश का शिकार बनाने के लिए सत्ता के विरोधी जन कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। आज मंदसौर(म.प्र.) में राहुल गाँधी पहुंचे,किसानो को भड़काने और बरगलाने के भाषण दिये।
किसानो के नाम पर जो आंदोलन किए जा रहे हैं,वो बिल्कुल भी वास्तविक किसानो द्वारा नहीं किए जा रहे हैं।मेहनतकश किसान अपने खेतों में काम कर रहे हैं।ये आंदोलन पूर्णतः राजनैतिक दल द्वारा पूर्व नियोजित तरीके से संचालित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हुई,जिसमें द्रष्टव्य है कि गरीब किसानो की सामग्री, जिसे वो बाजार में बेचने ले जा रहे थे,उसे जोर जबरदस्ती से लूट-पाट कर सड़कों में फेक दिया गया।
ईमानदार और मेहनतकश हमारे अन्नदाता के साथ इस प्रकार का अन्याय करने वाले सत्ता विरोधी दल के लोग ये कैसा आंदोलन कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें वास्तविक हैं।कोई किसान अपने उत्पाद इस आशा के साथ बाजार में बेचने जाता है,कि अपने उत्पाद को बेचकर वह अपने परिवार की जरूरत के सामान लेकर वापस घर लौटेगा।
किसानो के साथ ऐसी लूट-पाट का अधिकार इन्हें किसने दिया..? ये कौन करवा रहा है..?
सरेआम दूध और सब्जियों को सड़क पर फैलाया जा रहा है,क्या यही किसान आंदोलन है..?
यदि आप उन किसानो के उत्पाद को खरीदकर गरीब लोगों में बांटते तो किसान और गरीब दोनो आपके साथ खड़े होते।
खैर किसानो की अवस्था का ज्ञान आपको कैसै होगा।आप तो सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं।
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं,इसलिए सत्ता विरोधी लोगों द्वारा प्रदेश के किसानों को राजनैतिक साजिश में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं।प्रदेश में सहकारी बैंकों के पुराने कर्ज की ब्याज माफी के साथ बिना ब्याज के ऋण दिया जा रहा है।
हमारे किसानों को विरोधियों के राजनैतिक षड्यंत्र से सावधान रहने की जरूरत है।
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